क्या सनातन धर्म के अलावा भी दुनिया में अन्य धर्म हैं? इस लेख में जानिए हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, इस्लाम, ईसाई और अन्य धर्मों की उत्पत्ति, मान्यताएँ और उद्देश्य।

भारत को धर्मों की भूमि कहा जाता है, जहाँ सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा के साथ-साथ अनेक अन्य धर्मों का भी विकास हुआ। अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न आता है कि क्या सनातन धर्म के अलावा भी कोई धर्म है?
इस लेख में हम सरल भाषा में विश्व के प्रमुख धर्मों के बारे में जानेंगे और यह समझने का प्रयास करेंगे कि सभी धर्मों का मूल उद्देश्य क्या है।
- सनातन धर्म के अलावा अन्य धर्म
- दुनिया के प्रमुख धर्म
- विश्व के धर्म
- हिंदू धर्म बनाम अन्य धर्म
- धर्मों की जानकारी हिंदी में
सनातन धर्म (हिंदू धर्म)
सनातन धर्म को विश्व का सबसे प्राचीन धर्म माना जाता है।
सनातन का अर्थ है – जो शाश्वत है, जो हमेशा से है।
मुख्य विशेषताएँ:
- कोई एक संस्थापक नहीं
- वेद, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथ
- कर्म, धर्म, पुनर्जन्म और मोक्ष की अवधारणा
- विविध पूजा-पद्धतियाँ और दर्शन
बौद्ध धर्म
बौद्ध धर्म की स्थापना गौतम बुद्ध ने की थी।
मुख्य सिद्धांत:
- चार आर्य सत्य
- अष्टांगिक मार्ग
- दुःख से मुक्ति का मार्ग
बौद्ध धर्म अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग पर बल देता है।
जैन धर्म
जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर स्वामी माने जाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- अहिंसा का सर्वोच्च महत्व
- सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह
- आत्मा की शुद्धि पर बल
सिख धर्म

सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक देव जी ने की थी।
प्रमुख मान्यताएँ:
- एक ईश्वर में विश्वास
- सेवा, समानता और सत्य
- गुरु ग्रंथ साहिब सर्वोच्च ग्रंथ
इस्लाम धर्म
इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर मोहम्मद है।
मुख्य आधार:
- एक अल्लाह में विश्वास
- कुरान शरीफ पवित्र ग्रंथ
- पाँच स्तंभ (नमाज़, रोज़ा, ज़कात, हज, कलमा)
ईसाई धर्म
ईसाई धर्म के केंद्र में यीशु मसीह हैं।
प्रमुख शिक्षाएँ:
- प्रेम, क्षमा और दया
- बाइबिल पवित्र ग्रंथ
- मानवता और सेवा का संदेश
अन्य धर्म और पंथ
इनके अलावा भी विश्व में कई धर्म और पंथ हैं, जैसे:
- यहूदी धर्म
- पारसी (ज़रथुस्त्र) धर्म
- बहाई धर्म
- आदिवासी और लोक-आधारित धर्म
सभी धर्मों का साझा उद्देश्य
भले ही धर्म अलग-अलग हों, लेकिन सभी का मूल उद्देश्य लगभग समान है:
- मानव को सही मार्ग दिखाना
- नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा
- प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश
सनातन धर्म के अलावा और कोई भी धर्म नहीं है सब मजहब या पंथ संप्रदाय हैं। लेकिन कहने के लिए सभी धर्म हैं, और हर धर्म मानवता को बेहतर बनाने की सीख देता है। किसी एक धर्म को श्रेष्ठ या निम्न मानने से बेहतर है कि हम सभी धर्मों की शिक्षाओं का सम्मान करें और उनसे अच्छे संस्कार ग्रहण करें।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः” — यही सभी धर्मों का सनातन सार है।
